आजकल कब्ज आम बीमारी बन गई है, जो थकान, सिरदर्द और तनाव बढ़ाती है। लेकिन योग के इन नौ चमत्कारी आसनों से स्थायी समाधान संभव है। राष्ट्रीय योग संस्थानों के अनुसार, अग्निसार से भस्त्रिका तक ये अभ्यास पाचन क्रांति लाते हैं।
खाली पेट घरेलू अभ्यास से पेट मसाज, अग्नि ज्वाला और ब्लोटिंग उन्मूलन होता है। न सिर्फ कब्ज भागता है, बल्कि शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य चरम पर पहुंचता है। अनियमित दिनचर्या और चिंता के इस दौर में योग रामबाण है।
अग्निसार: सांस त्यागकर उदर कंपन। अंग शुद्धि, चर्बी ह्रास, कब्ज नाश।
कपालभाति: पेट संचालन से आंतें सक्रिय, मेटाबॉलिज्म बूस्ट, स्वच्छांति।
सूर्य नमस्कार: 12 आसनों का चक्रण, पाचन उन्नयन, फिटनेस।
पादहस्तासन: झुकाव से दाब, विषाक्त पदार्थ बाहर, रीढ़ सुधार।
मंडूकासन: बैठकर संपीड़न, जठर शक्ति, एसिडिटी निवारण।
पश्चिमोत्तानासन: अग्रझुकाव, आंत्र मर्दन, पीठ आराम।
वक्रासन: विद्ध ट्विस्ट, विष निष्कासन, शरीर चपलता।
पवनमुक्तासन: लेटकर गोद में घुटने, वायु मुक्ति, शीघ्र लाभ।
भस्त्रिका: प्रचंड श्वास, शक्ति संचार, पेट विकार समाप्त।
इनका नियमित सेवन करें, स्वस्थ पेट और शांत मन आपका। योग जीवनशैली है।