प्रोटीन के बिना न तो कसरत का फल मिलता है, न ही शरीर स्वस्थ रहता है। मांसाहारी स्रोतों को श्रेष्ठ मानने की पुरानी सोच बदल रही है। प्लांट बेस्ड प्रोटीन अब फिटनेस जगत का नया राजा बन चुका है।
मांस में कोलेस्ट्रॉल और हानिकारक वसा अधिक होती है, जो दिल की बीमारियां न्योता देती हैं। दूध का अधिक सेवन पेट दर्द का कारण बनता है। वहीं पौधों से मिलने वाला प्रोटीन फाइबर से भरपूर होता है, जो detox करता है और पोषण प्रदान करता है।
सर्वोत्तम स्रोत: अंकुरित मूंग, सोया चंक्स, सूखे मेवे, बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां और अनाज। बादाम कैल्शियम का खजाना हैं, दालें प्रोटीन का भंडार।
प्रैक्टिकल टिप्स: नाश्ते में मूंग चीला, दोपहर में टोफू सलाद, शाम को बीन्स टिक्की। शरीर के वजन के बराबर ग्राम प्रोटीन लें, जैसे 60 किलो पर 60 ग्राम।
फायदे गजब के—मजबूत मांसपेशियां, बेहतर पाचन, कम वजन और दीर्घायु। ये बदलाव आसान और प्रभावी है। शाकाहारी डाइट को सुपरचार्ज करें और स्वास्थ्य लाभ उठाएं।