प्रदूषित हवा ने कई शहरों को जकड़ लिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं, लेकिन आयुष मंत्रालय ने राह दिखाई है। मास्क से आगे बढ़ें, इम्यून सिस्टम को स्टील जैसा बनाएं। आयुर्वेदिक तरीके अपनाकर प्रदूषण के असर को न्यूनतम किया जा सकता है।
स्थानीय मौसमी उपज पर जोर दें। सर्दियों में संतरा-अमरूद, गाजर-पालक, मूली-शलगम जरूर खाएं। ये प्राकृतिक विटामिन प्रदूषण से लड़ने में सहायक हैं।
अदरक-पिप्पली-हरड़-बहेड़ा का सेवन न छोड़ें। ये श्वसन तंत्र मजबूत कर इम्यूनिटी बढ़ाती हैं। चाय में घोलें या पाउडर रूप में लें।
पानी हमेशा गुनगुना पिएं, जिसमें शहद-नींबू-तुलसी हो। काढ़ा तैयार करें तुलसी-अदरक-दालचीनी-लौंग-मिर्च-गुड़ से। बार-बार पिलाने से गला-खांसी ठीक रहती है।
भोजन ताजा और गरम हो। बासी खाना नुकसान करता है। घी का उपयोग करें सूजन के लिए, दूध-गुड़-सूखे मेवे ऊर्जा देते हैं।
नियमित योग, सांस व्यायाम, पर्याप्त आराम लें। दवाओं पर निर्भर हों तो चिकित्सक सलाह लें। आयुष मार्गदर्शन से प्रदूषण पर विजय पाएं।