हिंदी फिल्म जगत में सर्जिकल स्ट्राइक वाली फिल्मों की शुरुआत ‘तहलका’ से हुई, जो 1992 में अनिल शर्मा ने बनाई। ‘बॉर्डर’, ‘उरी’ से पहले यह फिल्म सुपरहिट रही। 7 मार्च को अनिल शर्मा 68 साल के हो जाएंगे। फिल्म ने नाम के अनुरूप बॉक्स ऑफिस हिला दिया।
धर्मेंद्र, नसीरुद्दीन शाह, मुकेश खन्ना, आदित्य पंचोली जैसे दिग्गजों ने जान डाली। कास्टिंग में खासी मशक्कत हुई। मेजर कृष्ण राव के लिए रजनीकांत तैयार थे, लेकिन साउथ की हड़ताल ने शूटिंग पोस्टपोन कर दी। हिमालयी बर्फीली वादियों में काम रुक गया। मुकेश खन्ना लेागे, जिनकी ‘महाभारत’ वाली छवि परफेक्ट थी।
शूटिंग के पहले दिन ही खन्ना ने सबको प्रभावित किया। नसीरुद्दीन शाह ने धर्मेंद्र के कारण बिना सोचे-समझे हामी भरी। स्विमसूट वाला सीन में उन्होंने हिचक न दिखाई। जावेद जाफरी-अादित्य ने भी डिस्गाइज के लिए सहयोग किया। नसीर का तर्क था कि किरदार के लिए कुछ भी।
2 करोड़ में बनी फिल्म ने 15 करोड़ का कारोबार किया, साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाने वाली बनी। कलाकारों का पुर्ण समर्पण ही सफलता का राज था। ‘तहलका’ बॉलीवुड के उन सुनहरे दौर की याद दिलाती है जब सितारे सीमाएं लांघते थे। अनिल शर्मा ने इसी फिल्म से अपनी पहचान बनाई।