फिल्म ‘शोर’ का गाना ‘एक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है’ हिंदी फिल्म संगीत का एक चमकता सितारा है। मनोज कुमार की इस फिल्म ने 1972 में धूम मचाई, लेकिन असली हीरा था संतोष आनंद का यह गीत, जिसे बाद में ‘सॉन्ग ऑफ मिलेनियम’ कहा गया।
एक कवि सम्मेलन में संतोष आनंद ने गाने के पीछे की भावुक कहानी साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि यह गीत उनकी प्रेमिका को समर्पित था, दिल की गहराइयों से निकला। फिल्म की कहानी से इसका कोई लेना-देना नहीं था।
लता मंगेशकर और मुकेश की मधुर आवाजों ने गीत को नई ऊंचाइयां दीं। संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने धुन ऐसी बुनी कि शब्द और स्वर एक हो गए। ‘जिंदगी… तेरी मेरी कहानी है’ पंक्ति जीवन को प्यार की नजर से देखने का संदेश देती है।
‘कुछ पाकर खोना है’ जैसी लाइनों ने गाने को फलसफीपूर्ण बनाया, जो आज भी प्रासंगिक है। यह गीत किसी खास दौर का नहीं, बल्कि हर पीढ़ी का है।
संतोष आनंद का खुलासा इस गाने की लोकप्रियता का राज खोलता है – सच्चा प्यार ही सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत है। बॉलीवुड के इस धरोहर गीत की कहानी हर संगीत प्रेमी को रोमांचित कर देगी।