अभिनेता सिद्धांत, जिन्होंने ‘जुबली’ और ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में यादगार भूमिकाएं निभाईं, ने जम्मू-कश्मीर से अपने अटूट रिश्ते पर खुलकर बोले। ‘मुंबई मेरा स्टेज है, जम्मू मेरी आत्मा,’ यह कहते हुए उन्होंने भावुक हो गए।
कश्मीर ने उनके करियर को आकार दिया। जय खन्ना का रोल पुराने कराची से प्रेरित, नेहरू का जन्म कश्मीर में। ‘ये भूमिकाएं जम्मू की धरती से उपजी हैं।’
बचपन में कश्मीर घूमना स्वर्ग जैसा था। लेकिन इतिहास जानने पर गंभीरता आ गई। नेहरू के रोल ने इस बंधन को और मजबूत किया।
क्या कहानी कश्मीर के दर्द को सही से बयां कर सकेगी? सिद्धांत को शक है, क्योंकि हकीकत बहुत गहरी है।
हर तालियां बजते ही जम्मू परिवार की मुस्कान नजर आती है। यही उनकी प्रेरणा है। सिद्धांत साबित करते हैं कि जड़ें अभिनय को अमर बनाती हैं।