हिंदी सिनेमा के चहेते अभिनेता राजपाल यादव 13 दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद लौटे और यूट्यूब पर 5 करोड़ रुपये के कर्ज की सच्ची दास्तान बयान की। उन्होंने आरोपों का डटकर मुकाबला किया और बताया कि कैसे समझौते में छेड़छाड़ कर उन्हें फंसाया गया।
साल 2012 में 5 करोड़ का लोन लिया गया, लेकिन शर्तें बदल गईं—8 करोड़ लौटाओ, फिल्म रिलीज के बाद। राजपाल ने जोर देकर कहा कि उनके पुश्तैनी घर की कीमत ही उतनी है, जो उनकी मजबूती दिखाता है। फिर 2013 में रिलीज डिले होने पर नया करार भेजा गया, जिसमें 11 करोड़ की बात की गई।
तुरंत भुगतान पर 7 करोड़ मानने को तैयार होने का लालच दिया गया। लेकिन वर्मा के मीडिया अटैक ने फिल्म को बर्बाद कर दिया—2500 की जगह सिर्फ 1200 स्क्रीन मिलीं। राजपाल ने चेक बाउंस के दावे को झूठा करार दिया, सबूत कोर्ट में रखेंगे।
यह घटना उद्योग में अनौपचारिक लोन के खतरे बताती है। राजपाल का दमदार अंदाज कि 50 करोड़ भी उन्हें हरा नहीं सकते, फैंस को प्रेरित कर रहा है। काम पर लौटते हुए वे नई शुरुआत कर रहे हैं, सच्चाई के साथ।