‘दो दीवाने शहर में’ फिल्म से अभिनेत्री संदीपा धर ने नैना के रूप में अपनी छाप छोड़ी। यह किरदार सतह पर परिपूर्ण नजर आता है, मगर हृदय में गहरा वीरानगी और भावुक क्षत छिपाए रहता है। संदीपा ने इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को बखूबी निभाया।
खास बातचीत में उन्होंने खुलासा किया, ‘नैना ने मुझे बांध लिया। बाह्य सौंदर्य और आंतरिक हाहाकार का चित्रण अभिनेता के लिए दुर्लभ अवसर था। फिल्म ने इस द्वंद्व को जीवंत किया, जो मेरे लिए सुखद संघर्ष साबित हुआ।’
कहानी की सराहना करते हुए कही, ‘यह सामान्य लव स्टोरी नहीं, बल्कि कमजोरियों पर आधारित प्रेम है। दो लोग अपनी सीमाओं को स्वीकार कर एक-दूसरे का हाथ थामते हैं। ऐसी फिल्में जहां प्रेमी जोड़े खामियों से परिचित होकर भी साथ निभाते हैं, कम ही बनती हैं।’
प्रदर्शन के बाद संतुष्टि जताते हुए बोलीं, ‘सब कुछ अपेक्षा के अनुरूप। नैना का चित्रण सशक्त। मृणाल संग द्वंद्व दृश्य ने जैसा अनुमान था, वैसा धमाल मचाया। कईयों ने इसे अपने जीवन से जोड़ा।’
निर्देशक रवि उदयावर और प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली सह प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल, भरत कुमार की टीम ने कमाल किया। ‘भंसाली का विजन बेजोड़, रवि की दृश्य कला शानदार। मुंबई व उत्तराखंड की प्राकृतिक छटा ने फिल्म को और आकर्षक बना दिया।’
समापन पर कहा, ‘यह भाईबहन प्रतिस्पर्धा, मान्यता की तलाश, स्वाभिमान, сестринство, पारिवारिक आदर्शों और घरेलू नकारात्मकता पर प्रकाश डालती है। वर्तमान भावनात्मक जटिलताओं का सटीक आईना है।’