बॉलीवुड के उभरते सितारे विशाल मोहन त्वरित शोहरत के बजाय स्थायी पहचान चाहते हैं। ‘यादव जी की लव स्टोरी’ से सुर्खियां बटोरते हुए उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा खोलकर रख दी।
‘शॉर्टकट की चाहत नहीं। मैं लगातार प्रगति करना चाहता हूं, हर प्रोजेक्ट में ताजगी लाकर,’ उन्होंने कहा। इंदौर से ताल्लुक रखने वाले विशाल निर्देशन के इरादे छोड़ अब अभिनय को निखार रहे हैं।
कैमरे के पीछे का तजुर्बा अभिनेता के लिए सोना है, मानते हैं विशाल। ‘इससे प्रकाश व्यवस्था, शॉट कंपोजिशन, लेखन और प्रदर्शन की गहराई आती है, जो क्राफ्ट को मजबूत बनाती है।’
उन्हें रगड़ खाए, भावुक चरित्र पसंद। ‘ग्लैमर रहित, परिवर्तनकारी रोल्स जैसे पान सिंह तोमर – शारीरिक व मानसिक परीक्षा वाले, जो पूर्ण समर्पण मांगें।’
‘मेहंदी’ सीक्वल में एंट्री पर उत्साहित विशाल बोले, ‘हामिद अली ने मेरे काम से प्रभावित होकर ऑफर किया। इस विश्वास ने जिम्मेदारी का एहसास कराया, बिना किसी तनाव के।’
साउथ की एक फिल्म में विलेन के रूप में डेब्यू करेंगे। ‘यादव जी…’ रिलीज के बाद ‘आशिकी इम्तिहान लेती’ समेत कई प्रोजेक्ट्स लाइन में। विशाल का यह दृष्टिकोण सिनेमा जगत के लिए प्रेरणा बनेगा।