हिंदी सिनेमा की दुनिया में मनमोहन देसाई और अमिताभ बच्चन का नाम सुनते ही याद आती हैं ब्लॉकबस्टर फिल्में और उनका अटूट बंधन। दोनों ने साथ मिलकर एंटरटेनमेंट का ऐसा तड़का लगाया जो दशकों बाद भी ताजा लगता है।
‘अमर अकबर एंथनी’ की सफलता की रौनक भरी पार्टी में देसाई ने बच्चन से खुला वादा किया- ‘तुम्हें छोड़कर मैं कहीं नहीं जाऊंगा।’ यह पल उनकी दोस्ती की मजबूती को दर्शाता है।
मुंबई में 26 फरवरी 1937 को पैदा हुए देसाई ने छोटे स्तर से शुरुआत की और जल्द ही हिटमेकर बन गए। ‘धरम वीर’, ‘चाचा भतीजा’, ‘परवरिश’ जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन बच्चन के साथ जोड़ी ने इतिहास रचा।
‘सुहाग’ से ‘गंगा जमुना सरस्वती’ तक की फिल्मों में बच्चन मुख्य भूमिका में रहे। ज्यादातर सुपरहिट रहीं, जिसने बॉलीवुड को नया आयाम दिया।
देसाई ने कहा था कि बच्चन उनकी फिल्मों का मूल हैं, वहीं बच्चन ने देसाई की तारीफों के पुल बांधे। 1 मार्च 1994 को देसाई के जाने के बाद भी यह जोड़ी सिनेमा की अमूल्य धरोहर बनी हुई है।