हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अब युवा वर्ग तक पहुंच चुकी है। पहले 40 पार होने पर ही इसकी चिंता होती थी, लेकिन अब 20-30 साल के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। इसे साइलेंट किलर इसलिए कहते हैं क्योंकि यह बिना लक्षणों के अंदरूनी क्षति करता रहता है।
कारण साफ हैं- बैठे रहना, अनियमित नींद, फास्ट फूड और नमक की अधिकता। मानसिक तनाव से निकलने वाले हार्मोन नसों को प्रभावित करते हैं। बढ़ता वजन, सिगरेट-शराब और आनुवंशिक कारण अतिरिक्त खतरा पैदा करते हैं।
सुबह भारीपन, बिना कारण थकान, आंखों में समस्या या घबराहट जैसे चिन्हों को हल्के में न लें। इससे हृदय रोग, मस्तिष्काघात या किडनी फेलियर जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
समाधान आपके हाथ में है। संतुलित आहार अपनाएं, व्यायाम को दिनचर्या बनाएं, 7-8 घंटे सोएं, स्क्रीन टाइम घटाएं और नशे त्यागें। स्वस्थ आदतें अपनाकर इस खतरे से बचा जा सकता है।