रोहित शेट्टी के मुंबई आवास पर फायरिंग की घटना ने पुलिस को हिलाकर रख दिया है। जांच से सनसनीखेज तथ्य निकले हैं कि अपराध की पूरी रूपरेखा तिहाड़ व आर्थर रोड जेलों में तैयार की गई। क्राइम ब्रांच अब इस अंतरराज्यीय गिरोह को नेस्तनाबूद करने पर तुली है।
गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि आगरा गुट ने गोली चलाई, जिसमें दीपक चंद्रा मुख्य शूटर था। समन्वय तिहाड़ के कैदी गोलू पंडित ने किया, जो लॉरेंस गिरोह से जुड़ा है। शुभम लोनकर के कहने पर गोलू ने विष्णु कुशवाहा को भर्ती किया।
विष्णु ने टीम तैयार की, फिर शुभम व आरजू ने पैसे का वादा कर मिशन को हरी झंडी दी। गोलू हाल में जमानत पर बाहर आया, जिसकी पुलिस बेसब्री से तलाश कर रही। दूसरी तरफ, पुणे इकाई के प्रवीण लोनकर ने हथियार व वाहन जुटाए।
प्रवीण आर्थर रोड में है और बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में नामजद। उसकी रिमांड जल्द होगी। दोनों जेलों से मोबाइल संपर्क से साजिश चली। फरारों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस बड़े खुलासे की उम्मीद कर रही। यह घटना बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।