फिल्म इंडस्ट्री की जुझारू कलाकार पत्रलेखा 20 फरवरी को अपना जन्मदिन मना रही हैं। मेघालय के शिलांग में पैदा हुईं वे नॉन-फिल्मी परिवार से हैं। पिता चाहते थे बेटी सीए बने, मगर अभिनय का जुनून उन्हें मुंबई ले आया।
विज्ञापनों से शुरुआत की। कवयित्री दादी का दिया नाम अपनाया। शिक्षा बैंगलोर में हुई, जहां नृत्य-संगीत और खेलकूद में निपुण हुईं। ‘सिटीलाइट्स’ (2014) में राजकुमार राव के अपोजिट डेब्यू, बेहतरीन अभिनय के लिए सम्मान मिला।
‘लव गेम्स’, ‘नानू की जानू’, ‘बदनाम गली’ और ‘फुले’ जैसी फिल्मों ने पहचान दी। ‘फुले’ में ज्योतिराव-सावित्रीबाई की कहानी बयां की। वेब पर ‘वाइल्ड वाइल्ड पंजाब’, ‘आईसी 814’ में दमदार भूमिका।
राजकुमार से 11 साल की दोस्ती शादी में बदली। 2025 में प्रोडक्शन हाउस शुरू। बेटी पार्वती का साया है। पत्रलेखा परिवार और करियर में संतुलन बनाए हुए हैं, जो लाखों को प्रेरित करता है।