नई दिल्ली से एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ फिल्म देखने का आह्वान किया है। वीडियो संदेश में उन्होंने संघ की लोकप्रिय धारणा और उसके वास्तविक स्वरूप के अंतर को दु:खद बताया, तथा फिल्म को सत्य का प्रकाशक करार दिया।
एक स्वयंसेवक के रूप में गडकरी ने संघ के त्यागमय कार्यों का जिक्र किया—जिनमें आदिवासी सेवा, शैक्षिक पहल, सहकारी संस्थाओं का सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना अभियान शामिल हैं। इनमें स्वयंसेवकों का स्वार्थरहित समर्पण संघ की पहचान है, जो अक्सर गलत समझा जाता है।
संघ के दर्शन को कार्यों के माध्यम से जानना आवश्यक है, यही गडकरी का मत। सौ वर्षों में देशभक्ति की ज्योति जलाने और विकास के पथ पर योगदान देने में संघ अग्रणी रहा। गडकरी स्वयं इस प्रेरणा के साक्षी हैं और राष्ट्र उत्थान का लक्ष्य सामूहिक बनाएं, ऐसी उनकी अपेक्षा।
दलित, गरीब और उपेक्षित वर्गों के लिए संघ के निरंतर प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने हिंदुत्व की सही व्याख्या की। यह न तो जातिवादी है न धार्मिक संकीर्णता का प्रतीक—बल्कि भारतीय परंपराओं से ओतप्रोत जीवन पद्धति है, जो सभी धर्मों को समाहित करती है।
देशव्यापी रिलीज 20 फरवरी को होगी। यह फिल्म संघ के इतिहास, मिथकों और उपलब्धियों को जीवंत करेगी, जिसे गडकरी ने हर नागरिक के लिए अनिवार्य बताया।