जयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की अदालत में काला हिरण शिकार मामले पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, मगर संबंधित जज ने स्वयं को इस केस से अलग कर लिया। सुनवाई टलने के बाद मामला चीफ जस्टिस के समक्ष भेज दिया गया है, जो नई बेंच तय करेंगे।
सरकार की यह अपील सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे व दुष्यंत सिंह को 2018 में ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के विरुद्ध है। उसी अदालत ने सलमान खान को शिकार के दोष में पांच वर्ष कारावास व जुर्माना ठोंका था। सलमान को बाद में जमानत मिल गई।
घटना 1998 की है जब जोधपुर के कांकाणी में फिल्म शूटिंग के दौरान संरक्षित काले हिरणों का शिकार हुआ। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर मुकदमा चला। सह-अभियुक्तों को सबूत नाकाफी मानकर छोड़ दिया गया।
जज ने स्पष्ट किया कि पूर्व में मामले से संबंधित चर्चा हो चुकी है, अतः वे इसमें भाग नहीं ले सकेंगे। यह फैसला न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता को मजबूत करता है।
यह पुराना केस बॉलीवुड और कानून के जुड़ाव को उजागर करता रहता है। वन्यजीव प्रेमी इसे संरक्षण के लिए मील का पत्थर मानते हैं। अगले कदम से तय होगा कि विवाद समाप्त होगा या लंबा चलेगा।