फिल्मी सफर में चुनौतियां हर कलाकार का पीछा करती हैं। शनाया कपूर ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि ‘तू या मैं’ ने उनके विचारों को कैसे नया मोड़ दिया। खासकर किरदार अवनी ने उन्हें आत्मबल प्रदान किया, जब वे अनिश्चितताओं से घिरी थीं।
पोस्ट में शनाया ने बताया, ‘आत्मविश्वास की कमी के दौर में यह फिल्म मेरे लिए वरदान बनी। अवनी ने सिखाया कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों, हार नहीं माननी।’ फिल्म में अवनी खतरनाक मगरमच्छों से भिड़ती है, जो उसके साहस को दर्शाता है।
‘इस किरदार ने मुझे निडर बनना सिखाया। अवनी की ताकत आज भी मेरी प्रेरणा है,’ उन्होंने लिखा। दर्शकों से मिले भरपूर प्यार पर खुशी जताते हुए कहा, ‘करियर शुरू होते ही इतना समर्थन मिलना सौभाग्य है। आपकी प्रतिक्रियाएं मुझे प्रेरित करती हैं।’
निर्देशक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बोलीं, ‘मुझे चुनने और विश्वास दिलाने के लिए धन्यवाद। उनके सहयोग से मैं खुद की क्षमताओं को पहचान सकी।’ शनाया का यह अनुभव युवा कलाकारों के लिए मिसाल है। ‘तू या मैं’ न केवल मनोरंजन देगी, बल्कि जीवन के सबक भी सिखाएगी।