‘दो दीवाने शहर में’ की रिलीज फरवरी 2024 के अंत में होने वाली है और सिद्धांत चतुर्वेदी प्रमोशन के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दर्द से निपटने का अपना फॉर्मूला साझा किया। अभिनेता का मानना है कि कला का सबसे अनदेखा तत्व दर्द ही तो है, इसे दबाने से बेहतर है इसे रचनात्मकता में बदलना।
प्रमोशन के सिलसिले में आईएएनएस से बातचीत में सिद्धांत ने कहा कि वे कभी भावनाओं को अंदर ही दफनाते नहीं। “मुझे लगता है दर्द कला का सबसे कम आंका गया कच्चा माल है। मैं इसे चैनलाइज करता हूं—लिखकर, गाकर, नाचकर या म्यूजिक के जरिए।” दोस्तों या माता-पिता से चर्चा भी करते हैं, लेकिन अभिव्यक्ति का मुख्य जरिया कला ही है।
“उस उथल-पुथल में जो ऊर्जा है, उसे प्रभावशाली रूप दे दो तो अद्भुत परिणाम मिलते हैं,” उन्होंने जोड़ा। सफलता के इस दौर का मजा लेते हुए सिद्धांत फिल्म में खास किरदार निभाएंगे। संदीपा धर, मृणाल ठाकुर और आयशा रजा के साथ यह रोमांटिक ड्रामा जी स्टूडियोज और भंसाली प्रोडक्शंस की पेशकश है।
सिद्धांत की यह सोच युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो साबित करती है कि सच्ची रचनात्मकता व्यक्तिगत संघर्षों से जन्म लेती है। फिल्म रिलीज के साथ ही दर्शकों का इंतजार खत्म होगा।