राज कपूर की ‘राम तेरी गंगा मैली’ (1985) के गाने आज भी दिल जीतते हैं। मंदाकिनी-राजीव कपूर वाली फिल्म में ‘एक राधा एक मीरा’ ने इतिहास रचा। रणधीर कपूर ने जन्मदिन स्पेशल में कपिल शर्मा के शो पर इस गाने की दिलचस्प दास्तान बयां की।
दिल्ली इवेंट में राज कपूर संग रणधीर। रवींद्र जैन की आवाज गूंजी, ‘एक राधा, एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा।’ राज साहब वाह-वाह करने लगे, दर्शक तालियां पीटने। उत्साहित राज ने दोहराने को कहा। फिर पूछा, ‘किस फिल्म का है?’ जैन बोले, ‘मेरा निजी गाना।’
राज का फरमान, ‘ये मेरा हो गया!’ जैन ने ठिठोली में गोद में बैठकर माहौल हल्का किया। राज हंसे, ‘संगीत कीजिए!’ शाम को घर पर तैयारी। वाद्ययंत्र सजाए, राज जैन लाए। ‘दादू, मेरा गाना बजाओ।’ रणधीर बोर होते हुए सुनते रहे। खत्म होते ही चेक—25 हजार रुपये।
जैन भावुक, बोले, ‘फिल्म में जगह मिली।’ पुणे ट्रिप पर चार दिनों में संपूर्ण संगीत रचा। लौटे तो राज गर्व से बोले, ‘सब कुछ तैयार, कहानी संगीत से बनी।’ थीम गाने जैसी—गंगा की तरह शुद्ध से मैली हो जाती पवित्रता।
ये वाकया दर्शाता है राज कपूर का जादू। एक सुनने मात्र से धुन को पहचान लेना और फिल्म का दिल बना देना। ‘राम तेरी गंगा मैली’ इसी जुनून का नमूना है।