बॉलीवुड के दिग्गज अनिल कपूर ने अपनी महत्वपूर्ण फिल्म ‘कहां कहां से गुजर गया’ के 45 वर्ष पूरे होने पर सोशल मीडिया पर दिल खोलकर बातें कीं। 1986 की यह रचना उनके लिए टर्निंग पॉइंट बनी, जिसकी शुरुआत एक ही शो से हुई। अभिनेता ने इसे मील का पत्थर करार दिया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो मॉन्टाज शेयर करते हुए अनिल ने लिखा, ‘खरीदार न मिलने वाली फिल्म का एक शो मेरी किस्मत बदल गया।’ एम.एस. सथ्यू के निर्देशन, ईशान आर्या की सिनेमेटोग्राफी और पंकज कपूर संग सह-अभिनय की यादें साझा कीं।
रवि बने अनिल ने मॉडल की चमक से छात्र आंदोलन तक का सफर दिखाया। इस किरदार ने अभिनय की नई ऊंचाइयां छुईं। ’45 साल बाद उन चुनौतियों के लिए शुक्रिया, जिन्होंने मेरा रास्ता रोशन किया,’ उन्होंने कहा।
फिल्म ने सामाजिक मुद्दों को बखूबी उकेरा। अनिल के करियर में यह आधारभूत रही, जिससे वे आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं।
यह पोस्ट नॉस्टैल्जिया का अहसास जगाती है। बॉलीवुड के सुनहरे दौर की यह कहानी युवा कलाकारों को हौसला देती है। एक फिल्म ने कैसे इतिहास रचा, यह इसका जीता-जागता प्रमाण है।