भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में हलचल मचाने वाला मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने एआर रहमान पर पोनियिन सेलवन-2 के गाने में पारिवारिक ताल चुराने का आरोप लगाया। कोर्ट ने सुनवाई अगले शुक्रवार तक टाल दी।
डागर पक्ष के अनुसार, ‘वीरा राजा वीरा’ में प्रयुक्त बीट उनके पिता नासिर और चाचा जहीरुद्दीन द्वारा बनाई ‘शिव स्तुति’ की सूलताल पर आधारित है। वकील ने जोर देकर कहा कि यह आठवीं सदी की चौताल से भिन्न नवीन ताल है, जिसका बिना इजाजत इस्तेमाल कॉपीराइट का उल्लंघन है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने डागर वंश की ध्रुपद परंपरा को उच्चतम सम्मान दिया। ‘डागर परिवार के बिना आधुनिक संगीतकार बाजार में टिक पाते?’ उन्होंने सवाल उठाया, लेकिन रहमान की प्रसिद्धि को भी रेखांकित किया। रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी की स्थगन याचिका पर कोर्ट ने सहमति जताई।
पिछले साल हाईकोर्ट का एक फैसला रहमान के खिलाफ था, जिसमें 2 करोड़ का आदेश आया, मगर अपीलीय पीठ ने इसे खारिज कर दिया। यह केस पारंपरिक संगीत की रक्षा और फिल्मी दुनिया के मिश्रण के बीच संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। आने वाली सुनवाई पर संगीत प्रेमियों की नजरें टिकी हैं।