जब हॉलीवुड के पुराने दौर की बात होती है, तो जोसेफ कॉटन का नाम कम ही लिया जाता है, लेकिन उनकी प्रतिभा अविस्मरणीय है। 1905 में वर्जिनिया जन्मे इस कलाकार ने पोस्टमास्टर पिता के बेटे से अभिनेता बनने का सफर तय किया। वाशिंगटन के थिएटर स्कूल से प्रशिक्षण लिया, तरह-तरह के छोटे-मोटे काम किए और मियामी में मंच की तलाश पूरी की।
ऑर्सन वेल्स के साथ सिटीजन केन ने उन्हें स्टार बना दिया। 1941 की यह फिल्म सिनेमा इतिहास की मील का पत्थर बनी। द थर्ड मैन में उनके किरदार की भावुक गहराई ने दुनिया भर में तारीफें बटोरीं। चेहरे के भावों से संवाद कहना उनकी कला थी।
वे रोमांटिक हीरो से लेकर मनोवैज्ञानिक भूमिकाओं तक सबमें कमाल दिखाते थे। बनावटीपन से कोसों दूर उनकी अदाकारी वास्तविक लगती थी। पुरस्कार न मिलने के बावजूद, उनकी फिल्में भावनाओं की गहराई सिखाती हैं।
करियर भर फिल्मों और टीवी शोज में सक्रिय रहे। 1994 में दुनिया छोड़ गए, लेकिन सिनेमा प्रेमियों के दिलों में बस गए। कॉटन साबित करते हैं कि सच्ची कला को सम्मान की जरूरत नहीं।