पैन-इंडिया सिनेमा की दुनिया में नए आयाम रचे जा रहे हैं। अभिनेत्री सई मांजरेकर ‘द इंडिया हाउस’ के सेट पर हिंदी-तेलुगु डबल शूटिंग का रोमांच जी रही हैं। इस पीरियड ड्रामा के अनुभव ने उन्हें अभिनय के नए पहलू सिखाए हैं।
सई का मानना है कि दो भाषाओं में काम करना कठिन पर रोचक है। ‘सीन की भाव-भंगिमा, लय को दोनों में समान रखना चुनौती है। लगातार स्विचिंग से मानसिक तैयारी जरूरी रहती है।’
‘भावनाओं पर जोर रहता है, भाषा के अनुसार अभिनय एडजस्ट होता है। इससे किरदार हर वर्जन में जीवंत लगता है।’ पिछली फिल्म ‘मेजर’ ने आधार दिया, लेकिन यह प्रोजेक्ट अलग चुनौतियां लाया।
सती के रोल में सई ने उस दौर की मनोदशा को आत्मसात किया। ‘बाहर शांति, अंदर जज्बा और पीड़ा—इसे संप्रेषित करना जिम्मेदारी है।’
टीम की एकजुटता को सई ने सराहा। ‘विभिन्न राज्यों से आए कलाकार एक लक्ष्य के लिए मेहनत करते हैं। निखिल सिद्धार्थ, निर्देशक वामसी का समर्पण प्रेरणादायक है।’
‘कहानी केंद्रित माहौल अभिनेता को गहराई देता है।’ ‘द इंडिया हाउस’ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगी।