वेब सीरीज ‘तस्करी’ से चर्चा में आईं अभिनेत्री जोया अफरोज ने ‘गांधी टॉक्स’ फिल्म के प्रीमियर पर अपनी जिंदगी के अनुभव साझा किए। ए.आर. रहमान के संगीत से सजी इस साइलेंट फिल्म के दौरान उन्होंने इंडस्ट्री में धार्मिक भेदभाव के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
आईएएनएस से विशेष बातचीत में जोया बोलीं, ‘मेरे करियर में धर्म कभी बाधा नहीं बना। आगे भी ऐसा न हो, यही कामना है। भारत विविधता में एकजुटता का प्रतीक है, इस भावना को मजबूत करें।’
सिनेमा की जिम्मेदारी पर उनकी राय काबिलेगौर है। ‘फिल्में जीवन की हकीकत दिखाती हैं। बच्चों के लिए अनुपयुक्त सामग्री को नियंत्रित करने के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी है, इसे कमजोर न करें।’
निर्देशक किशोर बेलेकर की ‘गांधी टॉक्स’ गांधी जी के नोटों पर चित्रण और आदर्शों के द्वंद्व को हास्य के जरिए पेश करती है। एक गरीब युवक की कहानी में चोर का प्रवेश ट्विस्ट लाता है, जो समाज के मूल्यों पर करारा प्रहार करता है। अदिति राव हैदरी, विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी व सिद्धार्थ जाधव की मौजूदगी इसे खास बनाती है। यह फिल्म चुप्पी के बीच गूंजती आवाज है।