रायपुर में 7 फरवरी को आयोजित होगा स्वर्णिम धरोहर लता मंगेशकर पुरस्कार समारोह, जिसमें संगीत निर्देशक उत्तम सिंह सम्मानित होंगे। यह पुरस्कार लता जी की स्मृति में दिया जाता है।
उत्तम सिंह ने बताया कि लता मंगेशकर उनके लिए संगीत की देवी थीं। उनके साथ 40 साल का साथ रहा, जिसमें कई यादगार गीत बने। बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर में लता जी का गाना फिल्म में होना हर निर्देशक व कलाकार का पहला लक्ष्य होता था।
करियर की शुरुआत 1983 की पेंटर बाबू से हुई, जहां पहला गीत ‘कब तक शमा जली’ लता जी ने गाया। शुरुआती दस गीतों में अधिकांश उनकी आवाज में थे। सरस्वती की कृपा से मिला यह तीसरा पुरस्कार महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के सम्मानों के बाद आया है।
उन्होंने लता जी की आवाज को अनुपम बताया, जिसमें मिठास व भावनाओं का संगम था। वह बोलतीं तो संगीत लगता, गातीं तो स्वर्गीय आनंद। उनका संगीत शाश्वत है, भविष्य की पीढ़ियां उनके नाम को स्वर्णिम इतिहास में अमर पाएंगी।