मुंबई, 2 फरवरी। टीवी और सिनेमा की चहेती अभिनेत्री मोना सिंह ने साझा किया कि जीवन में गलतियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन इन्हें बोझ बनाने की बजाय शिक्षक मानना चाहिए। इस सोच से ही व्यक्ति सच्ची प्रगति कर पाता है।
बातचीत में मोना ने बताया, ‘जब भी मैं गलती करती हूं, तो उसे विश्लेषण करती हूं। दोषारोपण नहीं, बल्कि सीख निकालना मेरा तरीका है। हर भूल एक संकेत है जो रास्ता रोशन करती है। पछतावे में डूबना व्यर्थ है।’
उन्होंने कहा कि मन में अपराध बोध रखना आत्मविश्वास नष्ट करता है। ‘गलती स्वीकारें, सबक लें और खुद को क्षमा करें। यही विकास का मूलमंत्र है।’
संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मोना ने कहा, ‘हर व्यक्ति जो जीवन में आता है, कुछ न कुछ सिखाने आता है। स्थायी रिश्ते भरोसा जगाते हैं, क्षणिक वाले आत्म-समझ सिखाते हैं। इन अनुभवों से यदि हम सीखें, तो कड़वाहट नहीं, मधुरता बढ़ती है।’
‘पुरानी कसमेंठों को छोड़ें। सीख के साथ आगे बढ़ें, तो आंतरिक शक्ति मिलती है। यह सोच हमें भावुक रूप से सशक्त बनाती है।’ मोना के ये विचार लाखों को प्रेरित करेंगे।