‘मर्दानी 3’ के शुक्रवार को सिनेमाघरों में धमाकेदार रिलीज के साथ रानी मुखर्जी एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय बनीं। फिल्म महिला पुलिसकर्मियों के कठोर जीवन को बखूबी चित्रित करती है, जहां अपराध, डर और चुनौतियों से रोज लोहा लेना पड़ता है।
दिल्ली पुलिस महिला अधिकारियों के सत्र में रानी ने खुलकर बात की। ‘तीसरी बार वर्दी धारण करना सम्मानजनक है। इनका जीवन दर्दभरा, संघर्षपूर्ण और चुनौतीपूर्ण है। अपराध निपटाने की उनकी कला सराहनीय।’
किरदार के जरिए रानी दिखा रही हैं कि कैसे भारतीय महिला अफसर कर्तव्य पथ पर अडिग रहती हैं। ‘समाज की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिकता।’
सवाल उठा कि आज भी सिनेमा से समाज को जागरूक क्यों? रानी ने जवाब दिया, ‘हताशा न पालें, प्रगति देखें। निर्भया-दामिनी स्क्वॉड और हेल्पलाइन महिलाओं-बच्चों के लिए वरदान। ये मदद की गारंटी देती हैं।’
‘यह समस्या विश्वव्यापी। सुरक्षा चुनौती हर जगह। सकारात्मक कदमों से आशावादी रहें। परिवर्तन क्रमिक रूप से आता है, समाज को मजबूत बनाता है।’
फिल्म वास्तविकता का आईना है, जो खाकी वर्दी की शूरवीराओं को सम्मानित करती है।