सबरीमाला मंदिर के सोना चोरी कांड ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। चेन्नई में अभिनेता जयराम के घर पहुंची एसआईटी ने उनसे गहन पूछताछ की, जो मामले में महत्वपूर्ण गवाह के तौर पर अदालत में उतर सकते हैं।
जयराम ने स्वीकार किया कि गर्भगृह क्षेत्र के लिए तैयार सोने की प्लेट्स उनके आवास पर पहुंचाई गईं। यह बयान पुलिस की पिछली रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसमें केरल से सोने को बाहर ले जाने का जिक्र था।
जांच टीम का मानना है कि यह बयान केस को मजबूत बनाएगा, खासकर मंदिर संपत्ति के अनधिकृत उपयोग को साबित करने में। सार्वजनिक पूजाओं में सोने का प्रदर्शन गंभीर उल्लंघन है।
फिर भी, जयराम पर कोई मुकदमा नहीं चलेगा। जांच में उनके और आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के बीच कोई आर्थिक संबंध नहीं पाया गया। रिश्ता शुद्ध धार्मिक था। जयराम 50 साल से सबरीमाला दर्शन करते हैं।
पोट्टी ने प्लेट्स पर पूजा के पुण्य की बात कही, जिसके चलते जयराम ने सहमति दी। चेन्नई के स्मार्ट क्रिएशंस में पूजा और कोट्टायम की यात्रा में वे शामिल हुए। घोटाले की भनक तक नहीं लगी।
यह घटना धार्मिक संस्थाओं की निगरानी पर सवाल उठाती है। एसआईटी की जांच से सच्चाई सामने आएगी, और जयराम की गवाही निर्णायक साबित हो सकती है। भक्तों का विश्वास बहाल करने की चुनौती बाकी है।