25 जनवरी को गणतंत्र दिवस से ठीक पहले 131 पद्म पुरस्कारों की सूची ने देश को गौरवान्वित किया। हिंदी फिल्म जगत के हीरे धर्मेंद्र देओल को मरणोपरांत पद्म विभूषण मिला, उनकी कला का यह सर्वोच्च सम्मान है। सतीश शाह (मरणोपरांत) और आर. माधवन जैसे अभिनेता भी सूची में हैं।
भारतीय वायलिन वादक डॉ. एन. राजम को पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया, जिनका बीएचयू में संगीत शिक्षा और 50 वर्षों का करियर प्रेरणादायक है। अलका याग्निक की पद्म भूषण उनकी 20 हजार गीतों वाली विरासत का प्रमाण है।
ममूटी, पीयूष पांडे (मरणोपरांत) और आर. गणेश को पद्म भूषण प्रदान हुआ। छह दशक पुरानी यात्रा के लिए अनिल कुमार रस्तोगी (अनुपमा के बापूजी) को पद्म श्री। लोक कलाकार भरत सिंह भारती, भिकल्या लाडक्या धिंडा, विश्व बंधु (मरणोपरांत), चिरंजीलाल यादव, दीपिका रेड्डी, गड्डे राजेंद्र प्रसाद, गफरुद्दीन मेवाती जोगी पद्म श्री पाने वाले हैं।
गरिमेला बालकृष्ण प्रसाद, बालासुब्रमण्यम बहनें, हरि माधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत), विमला मेनन, कुमार बोस, मुरली मोहन, पोखिला लेकथेपी, प्रोसेनजीत चटर्जी, तरुण भट्टाचार्य, तिरुवरुर बक्तवत्सलम, तृप्ति मुखर्जी जैसे कलाकारों ने भी स्थान पाया। यह सूची कला के हर रंग को सलाम करती है।