बॉलीवुड में हंगामा मच गया है क्योंकि जेल में सड़ रहे प्रोड्यूसर विक्रम भट्ट और उनकी बेटी पर 13.5 करोड़ की चपत का नया चार्जशीट तैयार हो रहा है। वर्सोवा थाने में दर्ज इस धोखाधड़ी के केस की कमान ईओडब्ल्यू ने संभाल ली है। पहले का 30 करोड़ घोटाला भट्ट को उदयपुर जेल तक ले गया था।
व्यापारी शिकायतकर्ता का दावा है कि भट्ट जोड़ी ने फिल्म प्रोजेक्ट्स में मुनाफे का झांसा देकर भारी रकम हड़प ली। 13.5 करोड़ गायब, कोई रिटर्न नहीं—सिर्फ निराशा। जांच एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लिया है।
इंदिरा आईवीएफ चेन के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने मूल घोटाले की पोल खोली। पत्नी की बायोपिक और चार फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट पर 44.29 करोड़ ट्रांसफर हुए। आंशिक काम के बाद बहाने बने और पुलिस एक्शन हुआ। दिसंबर गिरफ्तारी के बाद जमानत नामंजूर।
स्वास्थ्य आधारित जमानत अपील 17 दिसंबर को खारिज। जोधपुर हाईकोर्ट अब अंतिम उम्मीद। यह डबल ट्रबल बॉलीवुड फाइनेंसिंग के काले चेहरे को बेनकाब कर रही है।
इंडस्ट्री में सुधार की पुकार तेज। सख्त नियमों से निवेश सुरक्षित हो सकते हैं। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई से उम्मीद बंधी है कि दोषी बच नहीं पाएंगे।