ज्योति चित्रबन, गुवाहाटी में गुवाहाटी एशियाई फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन दर्शकों का जोरदार स्वागत हुआ। उद्घाटन दिवस की तर्ज पर शो हाउसफुल रहे और असम, मणिपुर, वियतनाम की पांच फिल्मों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
चार दिवसीय इस आयोजन में 26 चुनिंदा फिल्में एशिया और भारत के सिनेमा जगत की झलक पेश करेंगी। ट्रेंडिंग नाउ मीडिया, एनएफडीसी और आईएंडबी मंत्रालय के सहयोग से यह महोत्सव सिने प्रेमियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
तीसरे दिन डॉ. पंकज बोरा की ‘नोई कोथा’, नेहल घोडके की ‘ब्लॉसमिंग आलमंड’, शिवरंजिनी की ‘विक्टोरिया’, शिवध्वज शेट्टी की ‘इम्बू’, मोनेट रॉय साहा की ‘परोबासी’, साथ ही ‘लेट्स हैव अ कप ऑफ’, हांगकांग की ‘दूध पत्ती चाय’, मंगोलिया की ‘इफ ओनली आई कुड हाइबरनेट’, दक्षिण कोरिया की ‘ए पोएट ऑफ द रिवर’ और ‘कोक कोक कोकूक’ का प्रदर्शन होगा।
कार्यक्रम में क्रिस्टोफर डाल्टन का मास्टरक्लास फिल्म आलोचना पर केंद्रित होगा। उत्पल बोरपुजारी व अनुपमा बोस इंडिपेंडेंट सिनेमा के फंडिंग और फेस्टिवल्स पर बातचीत करेंगे।
25 जनवरी तक जारी रहने वाले जीएएफएफ में 10 देशों की फिल्में दिखेंगी। क्षेत्र का इकलौता एशियाई फिल्म उत्सव होने से यह सांस्कृतिक पुल का काम कर रहा है, पूर्वोत्तर को वैश्विक सिनेमा से जोड़ते हुए।