कपूर खानदान में संपत्ति के बंटवारे का विवाद तेज हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने रानी कपूर की याचिका की सुनवाई 28 जनवरी के लिए स्थगित कर दी। संजय कपूर की मां ने बहू प्रिया और करिश्मा कपूर के बच्चों को निशाना बनाया है।
ट्रस्ट को अवैध बताते हुए रानी ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना अरबों की दौलत हथिया ली गई। संजय के निधन (12 जून 2025) के बाद यह साजिश सामने आई, जब प्रिया ने सोना ग्रुप में अहम जिम्मेदारियां संभाल लीं।
बिना सलाह के फैसले, संपत्ति का हस्तांतरण—रानी का दावा है कि उन्हें जानबूझकर अलग-थलग कर दिया गया। अदालत से ट्रस्ट भंग करने, संपत्ति लौटाने और लेन-देन पर रोक की गुहार लगाई गई है।
यह केस पारिवारिक विरासतों की सुरक्षा और ट्रस्टों के दुरुपयोग पर रोशनी डालता है। व्यवसायिक परिवारों में उत्तराधिकार की जटिलताएं उजागर हो रही हैं।
सभी की नजरें अब 28 जनवरी पर हैं, जब इस जटिल मामले में नया अध्याय लिखा जाएगा। न्याय की इस जंग का परिणाम पूरे उद्योग जगत पर असर डाल सकता है।