राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर केंद्रित बायोपिक ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ ने इतिहासप्रेमियों का दिल जीत लिया। 110 मिनट से 95 मिनट हो गई इस फिल्म से 15 मिनट हटाए गए, क्योंकि वे ऐतिहासिक साक्ष्यों पर खरे नहीं उतरते थे।
निर्माण टीम ने रचनात्मकता के नाम पर तथ्यों से खिलवाड़ न करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों के परामर्श से यह निर्णय लिया गया, जो संघ की पारदर्शिता को प्रतिबिंबित करता है।
ट्रेलर विमोचन पर डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा, ‘यह कदम दिखाता है कि सत्य सर्वोपरि है।’ फिल्म संघ के प्रचार का माध्यम नहीं, अपितु उसके समर्पण की सच्ची कहानी है।
डॉ. हedgewar के समय से वर्तमान तक के संघर्ष, सेवा कार्य और सामाजिक प्रभाव को फिल्म बखूबी चित्रित करती है। कई दौर की समीक्षाओं में हर फ्रेम की प्रामाणिकता सुनिश्चित की गई।
दर्शकों के लिए सरल और प्रभावशाली प्रस्तुति तैयार की गई है, जिसमें शाखाएं, राहत कार्य और राष्ट्रजागरण के प्रसंग प्रमुख हैं। 19 फरवरी को रिलीज होने पर ‘शतक’ निश्चित रूप से चर्चा का केंद्र बनेगी, जो सिनेमा और इतिहास का अनूठा संगम साबित होगी।