संगीत की दुनिया में तहलका मचाने वाले एआर रहमान ने सांप्रदायिक भेदभाव के आरोपों पर खुलकर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को आहत करना कभी नहीं था।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए संदेश में रहमान ने घटना का पूरा विवरण दिया। एक पैनल चर्चा में कही गई उनकी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। ‘मेरा दिल किसी भेदभाव के लिए जगह नहीं रखता,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
‘जय हो’, ‘कुन फया कुन’ जैसे गीतों से विश्वविख्यात रहमान का करियर विविधता को अपनाने का उदाहरण है। इस दुर्लभ विवाद ने उनके शांत स्वभाव को चुनौती दी, लेकिन समर्थकों ने उनका साथ दिया।
सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। उद्योग के दिग्गजों ने भी संदर्भ की मांग की। रहमान के स्पष्टीकरण से विवाद शांत होता नजर आ रहा है। उन्होंने भविष्य में सद्भाव पर जोर देते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रकरण डिजिटल युग में शब्दों की शक्ति को दर्शाता है।