प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के लोकप्रिय नेता एमजीआर की जन्म जयंती पर हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि दी। एक पुरानी वीडियो पोस्ट कर उन्होंने एमजीआर के सिने स्टार से मुख्यमंत्री बनने के सफर को याद किया, जो दक्षिण भारत की सियासत का महत्वपूर्ण अध्याय है।
मक्कल थिलागम एमजीआर ने एआईएडीएमके को स्थापित कर तमिलनाडु में कल्याणकारी शासन की मिसाल कायम की। सस्ता चावल वितरण, नेत्र शिविर और ग्रामीण विकास योजनाओं ने लाखों जिंदगियां बदलीं। मोदी का मैसेज उनके जनसेवा के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है।
शेयर किए गए वीडियो में एमजीआर का जोश और जनता से जुड़ाव दिखता है, जो उन्हें अमर बनाता है। यह पोस्ट भाजपा की दक्षिणी रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां क्षेत्रीय नायकों का सम्मान किया जा रहा। एआईएडीएमके नेताओं ने इसे सकारात्मक कदम बताया।
एमजीआर के दौर में शुरू हुई योजनाएं आज भी देशभर में प्रचलित हैं। उनकी फिल्में सामाजिक संदेश देती थीं, जो राजनीतिक मंच बनीं। 1987 में उनकी विदाई ने राज्य को orphan बना दिया। मोदी का यह प्रयास इतिहास को जीवंत करता है।
जयंती समारोहों में युवा वर्ग उनके संघर्ष से प्रेरित हो रहा। यह श्रद्धांजलि दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकता का संदेश देती है। एमजीआर का विरासत तमिलनाडु की पहचान है।