रवि किशन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदी सिनेमा के लिए योगदान देना उनका फर्ज है। एक साक्षात्कार में उन्होंने अपनी भावनाएं उड़ेल दीं, ‘यह उद्योग मेरे लिए परिवार जैसा है, अब मेरी बारी है कुछ लौटाने की।’
बॉलीवुड में ‘बालिका बधू’ जैसी फिल्मों से धाक जमाने वाले किशन ने भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के मेल पर जोर दिया। उन्होंने आने वाली परियोजनाओं का जिक्र किया, जो एक्शन, रोमांस और सामाजिक संदेशों से भरपूर होंगी।
उन्होंने युवा कलाकारों के लिए कार्यशालाएं और प्रोडक्शन हाउस शुरू करने की बात कही। राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद उनका सिनेमा के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। ओटीटी और थिएटर दोनों के लिए कंटेंट तैयार करने की योजना है।
उद्योग बुद्धिजीवी उनके प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। रवि किशन का यह कदम हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है, जहां विविधता और गुणवत्ता दोनों का बोलबाला हो।