बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने 30 साल के करियर पर ईमानदार बातें साझा कीं। ‘फिल्मों का कभी कोई मास्टर प्लान नहीं बनाया,’ उन्होंने बताया। सफलता का श्रेय दिया दिल की पुकार को।
किशोरावस्था में ‘राजा की आएगी बारात’ से डेब्यू। ‘गुलाम’ ने पहचान दिलाई। शाहरुख खान के साथ ‘कुछ कुछ होता है’, विवेक ओबेरॉय संग ‘साठिया’ ने रोमांस का तड़का लगाया।
यश राज फिल्म्स की धुरी बनीं रानी। ‘हम तुम’, ‘कभी अलविदा ना कहना’, ‘बंटी और बबली’ हिट रहीं। ‘ब्लैक’ ने अभिनय की नई ऊंचाइयां छुईं। आदित्य चोपड़ा से शादी के बाद ब्रेक लिया। बेटी आदिरा के जन्म पर खुशियां।
‘मर्दानी’ से एक्शन क्वीन बनीं। ‘हिचकी’ और ‘मिसेज चटर्जी’ ने तारीफें बटोरीं। ओटीटी के जमाने में भी रानी प्रासंगिक। ‘गुणवत्ता वाली कहानियां चुनूंगी,’ उनका वादा। 30 साल का अध्याय प्रेरक है।