‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ को रिलीज हुए छह बरस हो गए। यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाई बल्कि भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक फिल्मों का नया मानक स्थापित किया। उदयभान बने शरद केलकर ने जन्मदिन पर कहा, ‘यह यात्रा अविस्मरणीय रही।’
1670 की घटना पर आधारित फिल्म में तान्हाजी (अजय देवगन) किले पर चढ़ाई के लिए मगरमच्छों का इस्तेमाल करते हैं। केलकर का उदयभान राजपूत शौर्य का प्रतीक बना। ‘ओम राउत सर की विजन और टीमवर्क ने चमत्कार कर दिखाया,’ केलकर ने साझा किया। ’20 किलो कवच पहनकर लड़ना रोमांचक था।’
फिल्म के तकनीकी पहलू उन्नत थे। 500 से ज्यादा कारीगरों ने किला बनाया, अंतरराष्ट्रीय VFX ने युद्ध जीवंत किए। सैफ अली खान, काजोल जैसे सितारों ने जान डाली। ‘घमंड कर’ जैसे गाने सुपरहिट।
केलकर के करियर में मील का पत्थर साबित हुई यह फिल्म। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ‘तान्हाजी’ ओटीटी पर छाई हुई। फैंस सीक्वल चाहते हैं। केलकर ने धन्यवाद दिया, ‘यह फिल्म हमेशा दिल में रहेगी।’ मराठा गौरव की यह कथा प्रासंगिक बनी रहेगी।