कभी स्टेज पर बोलते हुए कांप जाते थे ऋतिक रोशन, आज बॉलीवुड उन्हें ‘ग्रीक गॉड’ कहकर पूजता है। इस अविश्वसनीय बदलाव की दास्तान मेहनत और जज्बे की है।
फिल्मी खानदान में जन्मे ऋतिक बचपन से ही अंतर्मुखी थे। पिता राकेश रोशन की फिल्मों में सहायक तो बने, लेकिन कैमरे के सामने आना मुश्किल लगता। दोस्त याद करते हैं, बातें करने से ज्यादा नाचना पसंद करते थे।
‘कहो ना प्यार है’ ने करिश्मा दिखाया। 2000 का डेब्यू सुपरहिट रहा। एब्स, डांस मूव्स और सादगी भरी मुस्कान ने युवाओं को आकर्षित किया। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते और नया दौर शुरू हुआ।
मुश्किलें कम न हुईं। पीठ की चोट ने करियर पर ब्रेक लगाया, कई ऑपरेशन झेले। पारिवारिक कलह ने मीडिया को हेडलाइंस दीं। ऋतिक ने जवाब फिटनेस से दिया। ‘सुपर 30’, ‘वॉर’ में जबरदस्त वापसी की।
आज 50 की उम्र में उनका फिजीक परफेक्ट है। सोशल मीडिया पर वर्कआउट वीडियो वायरल होते हैं। ‘फाइटर’ ने बॉक्स ऑफिस हिलाया।
यह सफर सिखाता है कि कमजोरियां ताकत बन सकती हैं। ऋतिक रोशन का उदाहरण हर महत्वाकांक्षी के लिए है।