आज के दौर में फैंटेसी फिल्में दर्शकों की टॉप चॉइस बन गई हैं, ऐसा कहना है मशहूर प्रोड्यूसर सूरज सिंह का। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बदलते тренда की वजह बताई। उनका मानना है कि दर्शक अब रियल लाइफ ड्रामा से तृप्त नहीं होते, उन्हें जादू-टोने वाली दुनिया चाहिए।
ये फिल्में विजुअल इफेक्ट्स से भरपूर होती हैं, जो स्क्रीन पर चमत्कार रचती हैं। सिंह ने उदाहरण दिए कि हाल की ब्लॉकबस्टर्स ने कैसे कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। युवा वर्ग के साथ-साथ बच्चे और परिवार भी थिएटर्स की ओर लपके पड़ते हैं।
स्ट्रीमिंग साइट्स पर फैंटेसी सीरीज का जलवा है। लंबे एपिसोड्स में गहराई वाली कहानियां दर्शकों को बांधे रखती हैं। सूरज सिंह कहते हैं, ‘हमारी संस्कृति में रामायण-महाभारत जैसे महाकाव्य पहले से ही फैंटेसी के खजाने हैं। इन्हें सीजीआई से सजाकर पेश करें तो कमाल हो जाता है।’
उद्योग में चुनौतियां भी हैं, जैसे भारी बजट। लेकिन सफलता की चमक इन जोखिमों को फीका कर देती है। सिंह की टीम नई टैलेंट को मौका दे रही है। वे हाइब्रिड жанр पर फोकस कर रहे हैं, जैसे फैंटेसी-रोमांस या हॉरर फैंटेसी।
भविष्य उज्ज्वल है। गेमिंग और वर्चुअल रियलिटी के साथ फैंटेसी का विस्तार होगा। सूरज सिंह ने आगाह किया कि ओरिजिनल कंटेंट ही टिकेगा।
अंत में, फैंटेसी सिनेमा का युग चल रहा है। निर्माता और दर्शक दोनों इसके जादू में खोए हैं। यह тренд जल्द थमने वाला नहीं लगता।