तमिल सिनेमा के सुल्तान थलपति विजय अभिनीत ‘लियो’ को मद्रास हाईकोर्ट ने राहत दी है। न्यायालय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को फिल्म के लिए ‘यूए’ प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया है, जो पहले लंबे समय से अटका हुआ था।
लोकेश कनगराज निर्देशित इस एक्शन थ्रिलर ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। दुनिया भर में 2200 करोड़ से अधिक की कमाई कर सुपरहिट साबित हुई। लेकिन सीबीएफसी ने हिंसा के अत्यधिक चित्रण का हवाला देकर यूए सर्टिफिकेट रोका।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस आनंद वेंकटेश ने बोर्ड की असंगत नीतियों की आलोचना की। निर्माताओं ने 19 दृश्य हटा दिए थे, इसके बावजूद बोर्ड पीछे नहीं हटा। कोर्ट ने तर्क दिया कि दर्शकों द्वारा स्वीकृत फिल्म पर अनावश्यक रोक नहीं लगाई जा सकती।
24 घंटे के भीतर सर्टिफिकेशन का आदेश देते हुए कोर्ट ने सेंसर प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया। कोलlywood में इस फैसले का स्वागत हो रहा है। विजय के फैंस इसे उनके सितारे की एक और जीत बता रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला भारतीय सिनेमा में प्रमाणन व्यवस्था को तेज और निष्पक्ष बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।