कोलlywood में हड़कंप मच गया है क्योंकि विजय की ब्लॉकबस्टर उम्मीद ‘जना नायकन’ को सीबीएफसी ने सेंसर प्रमाण-पत्र देने से साफ मना कर दिया। रिलीज से ठीक पहले यह विवादास्पद फैसला आया, जिसके बाद प्रोड्यूसर्स मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे। रिलीज वाले ही दिन कोर्ट का फैसला तय करेगा फिल्म का भाग्य।
बोर्ड ने फिल्म के हिंसक दृश्यों, जातीय टकराव दिखाने वाले संवादों और राजनीतिक संदर्भों पर आपत्ति जताई। 18 बिंदुओं वाली सूची में मुख्यतः विजय के भ्रष्टाचार पर तीखे भाषणों को काटने की बात कही गई। क्रिएटिव टीम ने किसी समझौते से इनकार कर दिया।
पूजा हेगड़े और प्रकाश राज जैसे सितारों से सजी यह फिल्म एक आम आदमी की सत्ता के खिलाफ बगावत की कहानी है। ट्रेलर ने 100 मिलियन व्यूज पार कर लिए थे, लेकिन अब सेंसर का ग्रहण लगा है। तमिलनाडु की सियासत में भी यह फिल्म गरम मुद्दा बन चुकी है।
हाईकोर्ट ने जनहित देखते हुए इमरजेंसी सुनवाई मंजूर की। विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट स्पेशल स्क्रीनिंग या मामूली एडिट्स के आदेश दे सकता है। इंटरनेशनल मार्केट में कोई समस्या नहीं है।
प्रशंसक थिएटर्स के बाहर धरने दे रहे हैं। यह केस सेंसरशिप पर नई बहस छेड़ सकता है। विजय के करियर का यह टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। फैसला जल्द ही आएगा।