धुरंधर को लेकर आ रही आलोचनाओं पर विवेक ओबेरॉय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, ‘यह केवल फिल्म तक सीमित नहीं।’ उनके इस बयान ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी।
परियोजना के ट्रेलर और प्रमोशन पर कईयों ने सवाल खड़े किए। आलोचकों का कहना था कि यह हाइप के लायक नहीं। इससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
विवेक ने वीडियो के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने निर्माण प्रक्रिया के हर पहलू पर रोशनी डाली – स्क्रिप्ट से लेकर शूटिंग तक। ‘हर फ्रेम में खून-पसीना है,’ उन्होंने भावुक होकर कहा।
करियर के उतार-चढ़ाव साझा करते हुए विवेक ने उदाहरण दिए कि कैसे आलोचना सफलता की सीढ़ी बनी। उनका विश्वास है कि दर्शक अंत में सच्चाई को पहचानेंगे।
फैंस ने उनका साथ दिया तो कुछ आलोचक पीछे नहीं हटे। यह विवाद रिलीज से पहले ही फिल्म को सुर्खियां दिला रहा है। विवेक का स्टैंड साबित करता है कि दोस्ती और सच्चाई बॉलीवुड की असली ताकत हैं।