‘सेना की दुनिया मेरे लिए अब किताबी नहीं, जिया हुआ सच है,’ चित्रांगदा सिंह ने ‘द बैटल ऑफ गलवान’ के सेट से खास बातचीत में कहा। 2020 की गलवान वादि में भारत-चीन टकराव पर बनी इस फिल्म ने अभिनेत्री को पूरी तरह बदल दिया।
तैयारी में चित्रांगदा ने हथियार चलाना, ऊंचाई वाले इलाकों में मार्च और सैन्य अनुशासन सीखा। ‘शहीद जवानो की कहानियां सुनकर आंखें नम हो गईं,’ उन्होंने भावुक होकर कहा। फिल्मकारों ने वास्तविकता के लिए आर्मी विशेषज्ञों की मदद ली।
फिल्म उस रात की क्रूरता को कैद करती है, जब भारतीय सैनिकों ने निहत्थे लड़कर सीमा की रक्षा की। चित्रांगदा का रोल भावनाओं और वीरता का मिश्रण है। 20 वीर सपूतों को समर्पित यह कृति राष्ट्रप्रेम जगाएगी।
चित्रांगदा का दावा है कि दर्शक लद्दाख की ठंड महसूस करेंगे और सैनिकों का जज्बा। रिलीज का इंतजार जोरों पर है।