अभिताभ बच्चन ने भारत को विकास के साथ-साथ खेलकूद और प्रतिभा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति करार दिया। अपने प्रभावशाली संबोधन में उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय युवा ओलंपिक से लेकर विश्व कप तक इतिहास रच रहे हैं।
उन्होंने राष्ट्र की समग्र उन्नति पर जोर दिया, ‘हम आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और खेल में भी अव्वल हैं।’ गुकेश जैसे शतरंज जीनियस और बैडमिंटन सितारों का जिक्र करते हुए बच्चन ने नीतिगत बदलावों की तारीफ की।
सरकारी बजट में खेल के लिए आवंटन दोगुना होने और अकादमियों के विस्तार से प्रतिभाएं पनप रही हैं। बच्चन ने पारिवारिक सहयोग पर बल दिया, जो खिलाड़ियों को प्रेरित करता है।
डेटा भी यही कहता है – पांच वर्षों में वैश्विक रैंकिंग में 20 पायदान ऊपर। कोर्पोरेट प्रायोजन ने चक्र को तेज किया है। बच्चन ने सतर्क रहने की सलाह दी, ताकि चीन जैसी ताकतों से मुकाबला हो सके।
समापन में उन्होंने कहा, ‘भारत अब जीतने आया है।’ सोशल मीडिया पर उनके बयान वायरल हो रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में यह उत्साह बढ़ाने वाला है। भारत की प्रतिभा-अमीर धरती अब विश्व को ललकार रही है।