कम ही अभिनेत्रियां ऐसी होती हैं जो हर жанр में कमाल कर दें। सुप्रिया पाठक उनमें से एक हैं। हंसा की मासूमियत से धनकोर बा की भयावहता तक, उनका सफर प्रेरणादायक है।
टेलीविजन पर ‘खिचड़ी’ ने उन्हें स्टार बनाया। हंसा का किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग आज भी डायलॉग दोहराते हैं।
बॉलीवुड में ‘आरक्षण’, ‘रामलीला’ और ‘क्वीन’ जैसी फिल्मों ने उनके अभिनय की गहराई दिखाई। निर्देशक उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं देते हैं।
‘दास देव’ में धनकोर बा के रोल ने सबको हैरान कर दिया। महत्वाकांक्षी मां का किरदार उन्होंने इतने प्रभाव से निभाया कि दर्शक स्तब्ध रह गए।
थिएटर बैकग्राउंड वाली सुप्रिया प्रोडक्शन और मेंटरिंग में भी सक्रिय हैं। परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी जीती हैं।
उनकी मेहनत और समर्पण युवा कलाकारों के लिए मिसाल हैं। सुप्रिया का भविष्य उज्ज्वल है।