छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस के वफादार कुत्ते विमला ने अपनी बुलंद नाक से एक युवक को मौत के मुंह से खींच लिया। डांडबछाली के तरुण सिदार तीन दिन जंगल में बेहोश पड़े थे, जिन्हें चप्पल की गंध से 10 किमी दूर खोजा गया।
19 फरवरी को खेत में काम के दौरान तरुण मित्रों संग शराब पी चुका था। शाम को घर न लौटने पर हड़कंप मच गया। रिश्तेदारों ने ताकझांक की, फिर अरुण सिंह ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच में पता चला, साथी घर पहुँचे लेकिन तरुण गायब। खेत पर चप्पल मिली। हैंडलर मनोज साहू संग विमला को बुलाया। कुत्ते ने गंध पकड़ी, जंगल में घुसा।
लगातार ट्रेकिंग कर वह स्थान पहुँचा जहाँ तरुण पड़ा था। भौंककर सिग्नल दिया। तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। चिकित्सकों ने बताया, नशा व भुखमरी से हालत गंभीर बनी।
तरुण ने बयान दिया कि शराब के असर में जंगल में खो गया, पानी-खाना न मिलने से धम्म से गिरा। अफसरों ने कहा, डॉग स्क्वाड की तैनाती ने साबित किया कि जानवर भी हीरो होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधा बढ़ानी चाहिए।