उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी सराफा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि अब किसी भी ज्वैलरी दुकान में ग्राहक या कोई भी व्यक्ति चेहरा ढककर प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस नए नियम के तहत बुर्का, नकाब, गमछा, हेलमेट या किसी भी प्रकार के मास्क से चेहरा छिपाने की इजाजत नहीं होगी। यह फैसला हाल ही में राजिम में हुई ज्वैलरी शॉप में बड़ी डकैती की घटना के बाद लिया गया है, जिसके बाद ज्वैलर्स एसोसिएशन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह कदम अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नियम किसी धर्म या समुदाय विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि सभी की सुरक्षा के लिए है। अपराधियों द्वारा चेहरे को ढकने के कारण उन्हें पकड़ने में पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस नियम के लागू होने से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान आसान होगी। व्यापारिक समुदाय ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन आम जनता के बीच इसे लेकर मिश्रित भावनाएं हैं। खासकर, जो महिलाएं धार्मिक कारणों से या अन्य लोग मौसम से बचाव के लिए चेहरा ढकते हैं, उनके लिए यह नियम चिंता का विषय बन गया है।