छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शुक्रवार को 23 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली। इन सभी पर कुल ₹1.18 करोड़ का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में PLGA बटालियन से जुड़े 8 कट्टर नक्सली और विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय अन्य लोग शामिल थे। आत्मसमर्पण करने वालों में 1 डीव्हीसीएम, 6 पीपीसीएम, 4 एसीएम और 12 पार्टी सदस्य शामिल थे, जिनमें 9 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल थे, जिनमें 3 नक्सली जोड़े भी शामिल थे। आत्मसमर्पण के पीछे राज्य सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार योजना” के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना और पुलिस का बढ़ता दबाव भी एक कारण था। इनामी राशि का विवरण इस प्रकार था: 11 नक्सलियों पर ₹8 लाख, 4 नक्सलियों पर ₹5 लाख, 1 नक्सली पर ₹3 लाख और 7 नक्सलियों पर ₹1 लाख का इनाम था। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, जिससे अन्य नक्सलियों के भी आत्मसमर्पण करने की संभावना बढ़ गई है।
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