मध्य पूर्व में उग्र होते संघर्ष ने भारतीय शेयर बाजार को हिला दिया है। लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 45,629 करोड़ रुपये लुढ़क गया, जो अब 5,43,208.36 करोड़ पर सिमट गया। कंपनी के इस क्षेत्रीय प्रोजेक्ट्स पर खतरा मंडरा रहा है।
जानकारों के अनुसार, तनाव से प्रभावित हो सकते हैं एलएंडटी के बड़े ठेके, जिसका असर लागत और समयसीमा पर पड़ेगा। बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और शेयरों में बंपर गिरावट दर्ज की गई।
शीर्ष 10 कंपनियों में आठ को कुल 2,81,581.53 करोड़ का नुकसान हुआ। एसबीआई 53,952.96 करोड़ घटकर 10,55,567.27 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक 46,936.82 करोड़ कम होकर 9,40,049.82 करोड़, एचडीएफसी बैंक 46,552.3 करोड़ गिरकर 13,19,107.08 करोड़ पर।
बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 28,934.56 करोड़ घटकर 5,91,136.03 करोड़, टीसीएस 28,492.44 करोड़ कम होकर 9,25,380.15 करोड़, एचयूएल 26,350.67 करोड़ गिरकर 5,23,042.51 करोड़ और एयरटेल 4,732.75 करोड़ घटकर 10,67,120.50 करोड़ रह गया।
रिलायंस ने 14,750.39 करोड़ की तेजी पकड़ी और 19,01,583.05 करोड़ पर पहुंचा, जबकि इन्फोसिस 3,459.99 करोड़ चढ़कर 5,30,546.54 करोड़ पर बंद हुआ।
रेलिगेयर के अजीत मिश्रा ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे और पश्चिमी एशिया के तनाव ने छुट्टी प्रभावित छोटे हफ्ते को लाल निशान पर समाप्त कर दिया। निवेशक सतर्क मुद्रा में हैं।
भविष्य में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कंपनियों को अपनी रणनीतियां मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसे झटकों से बचा जा सके।