फरवरी में भारत के सेवा क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा, पीएमआई 58.1 अंक पर टिका। एचएसबीसी की रिपोर्ट में जनवरी से मामूली गिरावट का जिक्र है, लेकिन 50 के पार रहकर वृद्धि का संकेत स्पष्ट।
नए बिजनेस में 13 महीने की सबसे कम रफ्तार दिखी, बाजार में टक्कर बढ़ने से। फिर भी, मांग मजबूत रही। विपणन प्रयासों और ग्राहकीय रुचि ने बिक्री को बल दिया, खासकर विदेशी बाजारों से। कंपनियों ने स्टाफ बढ़ाकर जरूरतें पूरी कीं।
प्रांजुल भंडारी ने टिप्पणी की, ‘पीएमआई की स्थिरता सेवा क्षेत्र की ताकत दिखाती है। वैश्विक बिक्री में तेजी ने घरेलू धीमेपन को संतुलित किया।’
समग्र निजी क्षेत्र का पीएमआई 58.9 पर पहुंचा, विनिर्माण के दम पर तिमाही का उच्चतम। वित्त-बीमा ने लीड किया, जबकि प्रॉपर्टी सेवाएं पिछड़ीं। ये आंकड़े भारत की विकास यात्रा को मजबूत आधार देते हैं।